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जानिए भारतीय व्‍यवसायी विजय माल्या को देश लाने में क्या है अड़चन

[Edited By: Rajendra]

Thursday, 4th June , 2020 04:04 pm

भारत से करीब 9 हजार करोड़ रुपये उधार लेकर लंदन में बसे भारतीय व्‍यवसायी विजय माल्या को देश लाने में एक अड़चन पैदा हो गई है। लंदन के सुप्रीम कोर्ट ने माल्‍या को भारत प्रत्यर्पण करने के आदेश पर यह कहते हुए रोक लगाते हुए कहा है कि उन्हें तब तक वापस नहीं भेजा जा सकता जब तक कि 'आगे के कानूनी मुद्दे' को हल नहीं किया जाता।

माल्‍या को ब्रिटिश हाई कोर्ट ने भारत के प्रत्‍यपर्ण को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि वह जल्‍द ही भारत सरकार की कैद में होगा। हालांकि इस बारे में ब्रिटिश उच्चायोग ने एक निजी चैनल से बात करते हुए यह कहा कि 'मुद्दा गोपनीय है'।
ब्रिटिश उच्चायोग के एक प्रवक्ता ने कहा, 'विजय माल्या ने पिछले महीने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपनी अपील खो दी थी और यूनाइटेड किंगडम के सुप्रीम कोर्ट में अपील करने से मना कर दिया था। हालांकि, एक और कानूनी मुद्दा है जिसे हल करने की आवश्यकता है।'

शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर भारत पूरी कोशिश में जुटा है, लेकिन फिलहाल यह संभव होता नहीं दिख रहा है। माल्या के प्रत्यर्पण पर ब्रिटेन उच्चायोग ने गुरुवार को कहा कि अभी इस दिशा में एक और कानूनी मुद्दे को सुलझाना बाकी है, हालांकि इसे गोपनीय बताते हुए इस मुद्दे की जानकारी नहीं दी गई। उच्चायोग की ओर से कहा गया कि विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले में एक और कानूनी मुद्दा सुलझाना बाकी है, जो गोपनीय है। 

ब्रिटिश उच्चायोग ने कहा, 'यूके के कानून के तहत इसका समाधान होने तक प्रत्यर्पण नहीं हो सकता।' यह मुद्दा गोपनीय है और ब्रिटिश उच्चायोग ने इस बारे में जानकारी देने से भी मना कर दिया। उन्‍होंने कहा, 'हम अनुमान नहीं लगा सकते हैं कि इस मुद्दे को हल करने में कितना समय लगेगा। हम इससे जल्द से जल्द निपटने की कोशिश कर रहे हैं।'

विजय माल्या को पिछले महीने उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिसने माल्‍या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के पतन के परिणामस्वरूप धोखाधड़ी के आरोपों का सामना करने के लिए भारत को प्रत्यर्पित करने के लिए 2018 के फैसले को बरकरार रखा था।

यूके के प्रत्यर्पण अधिनियम के अनुसार, किसी व्यक्ति को उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक आदेश के 28 दिनों के साथ प्रत्यर्पित किया जाना है। हालांकि, यदि व्यक्ति ने शरण का दावा किया है, जो शरणार्थी के रूप में यूके में रहने की अपील को संदर्भित करता है, तो प्रत्यर्पण तब तक नहीं किया जा सकता जब तक कि दावे का निपटारा नहीं किया जाता।

द पड़ी किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या पर देश के 17 बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपये बकाया है। वह 2016 में ही भारत छोड़कर ब्रिटेन भाग गया था। भारतीय एजेंसियों ने ब्रिटेन की अदालत से माल्या के प्रत्यर्पण की अपील की और लंबी लड़ाई के बाद वहां की अदालत ने 14 मई को माल्या के भारत प्रत्यर्पण की अपील पर मुहर लगा दी थी। 

इससे पहले अप्रैल में ब्रिटेन की हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि माल्या को भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है। इस फैसले के खिलाफ विजय माल्या ने वहां की सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की कोशिश की, लेकिन इसकी अनुमति नहीं मिली। 

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