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'करॉना वायरस' इंटरनैशनल इमर्जेंसी घोषित - विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)

[Edited By: Rajendra]

Monday, 3rd February , 2020 05:33 pm

चीन में करॉना वायरस की जबरदस्त दहशत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे इंटरनैशनल इमर्जेंसी घोषित कर दिया है। बीमारी की भयावहता का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि पिछले हफ्ते वुहान में चलते-चलते एक शख्स की मौत हो गई। शख्स अस्पताल से कुछ दूर पहले ही गिर पड़ा और दम तोड़ दिया। बता दें कि वुहान से ही करॉना वायरस फैसला है। अब तक पूरी दुनिया के 26 देशों में इस बीमारी ने अपने पैर पसार लिए हैं।

चीन की करंसी में भी सोमवार को तेज गिरावट आई। वहां की मुद्रा युआन 1.5% गिरकर 7 युआन प्रति डॉलर के नीचे आ गई। चीन के केंद्रीय बैंक ने सिस्टम में नकदी बढ़ाकर गिरावट रोकने की कोशिश की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। सेंट्रल बैंक ने रविवार को ही कह दिया था कि शॉर्ट टर्म बॉन्ड की खरीदारी के जरिए बैंकिंग सिस्टम में 173 अरब डॉलर (12.36 लाख करोड़ रुपए) की रकम डाली जाएगी, ताकि बैंकों की कर्ज क्षमता बढ़ सके और करंसी बाजार स्थिर रहे।

चीन में करॉना वायरस के संक्रमण के 17 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। केंद्रीय और स्थानीय सरकारें पीड़ितों के इलाज और मेडिकल उपकरणों पर खर्च के लिए अब तक 12.6 अरब डॉलर (90 हजार करोड़ रुपए) की रकम जारी कर चुकी हैं। इकोनॉमी पर कोरोनावायरस का असर कम करने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है।

करॉना वायरस के असर से दुनियाभर के शेयर बाजार प्रभावित हुए हैं। भारतीय बाजार का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 27 फरवरी को 458 अंक गिर गया था। करॉना वायरस चीन के साथ ही पूरी दुनिया के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वायरस के फैलने से वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती फैल सकती है। 2002-03 में इसी तरह के वायरस सेवर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स) की वजह से ग्लोबल इकोनॉमी को 2.85 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। करॉना वायरस का संक्रमण फैलने से दुनिया की सप्लाई चेन टूटेगी। यातायात प्रभावित होने से कीमतें बढ़ेंगी। चीन दुनिया के बड़े बाजारों में से एक है। इसलिए पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर तेजी से असर होगा।

पाकिस्तान ने रविवार को बताया कि करॉना वायरस की जांच के लिए उसे चीन से 1,000 किट मिले हैं जिससे इस बीमारी से निपटने में उसकी क्षमता सुधरेगी। प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य मामलों के विशेष सलाहकार जफर मिर्जा ने ट्विटर के जरिए इसकी जानकारी दी।

मिर्जा ने ट्वीट किया, 'अब हमारे पास पाकिस्तान में कोरोना वायरस की जांच करने की क्षमता है। मैं अपने एनआईएच (नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ) नेतृत्व और अपनी टीम की जांच के इन उपकरणों को हासिल करने के लिए की गई मेहनत की सरहना करना चाहता हूं।'

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि चीन से कम से कम 1,000 परीक्षण किट यहां पहुंचे हैं जिससे पाकिस्तान की संक्रमण से मुकाबला करने की कोशिश को बल मिलेगा। उन्होंने बताया कि अभी तक कोई भी पाकिस्तानी नागरिक इस वायरस से संक्रमित नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में संदिग्ध की जांच की सुविधा इस्लामाबाद स्थित एनआईएच में होगी और बाद में देश के अन्य हिस्सों तक विस्तार किया जाएगा।

चीन में 28,000 से अधिक पाकिस्तानी छात्र मौजूद हैं जिनमें से 500 छात्र सबसे अधिक प्रभावित वुहान शहर में हैं और पाकिस्तान ने उन्हें वापस देश बुलाने से इनकार कर दिया है जिसको लेकर सरकार की काफी खिंचाई हो रही है।

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