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कुलभूषण जाधव केस की सुनवाई के लिए इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने स्पेशल बेंच का किया गठन

[Edited By: Rajendra]

Thursday, 30th July , 2020 04:09 pm

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडर कुलभूषण जाधव के मामले की सुनवाई के लिए एक विशेष पीठ का गठन किया है। भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडर जाधव को जासूसी मामले में कथित संलिप्तता के लिए मौत की सजा सुनाई गई है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अतहर मिनाला पीठ की अध्यक्षता करेंगे। जाधव के लिए सोमवार को एक वकील भी नियुक्त किया जाएगा।

इस हफ्ते की शुरुआत में पाकिस्तान सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (समीक्षा और पुनर्विचार) अध्यादेश 2020 को संसद में मंजूरी के लिए पेश किया था। यह कानून जाधव के लिए 2017 में एक सैन्य अदालत द्वारा उन्हें दी गई मौत की सजा की अपील करने की राह दिखाएगा।

22 जुलाई को पाकिस्तान सरकार ने भारतीय जासूस के लिए एक कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने के लिए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। यह कदम अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के 17 जुलाई, 2019 के फैसले के मद्देनजर लिया गया था। जिसके बाद अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (समीक्षा और पुनर्विचार) अध्यादेश 2020 को अदालत के फैसले को लागू करने के लिए कानून को अमल में लाया गया था।

सरकार की याचिका के अनुसार जाधव ने अपनी सजा के खिलाफ याचिका दायर करने से इनकार कर दिया। भारत की सहायता के बिना जाधव पाकिस्तान में वकील नियुक्त नहीं कर सकते। सरकार ने याचिका में अदालत से कहा है कि वह जाधव के लिए एक कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करे ताकि पाकिस्तान आईसीजे के फैसले के कार्यान्वयन के लिए अपनी जिम्मेदारी को पूरा कर सके। 17 जुलाई को पाकिस्तान ने तीसरी बार जाधव को काउंसलर एक्सेस की पेशकश की थी।

पिछले सप्ताह भारत ने पाकिस्तान पर जाधव के लिए सभी रास्ते बंद करने का आरोप लगाया था। भारत ने कहा था कि आगे कदम उठाने के लिए उसके अधिकार सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद पर पूर्व नेवी अधिकारी तक पहुंच को बाधित करने, केस से संबंधित कागजात नहीं मुहैया कराने और आईसीजे के फैसले के उल्लंघन का आरोप लगाया था।

पाकिस्तान ने यह कदम इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के 17 जुलाई 2019 के फैसले को लेकर उठाया है। पाकिस्तान सरकार ने कोर्ट के आदेश को लागू करने के लिए यह ऑर्डिनेंस जारी किया। पाकिस्तान सरकार ने दावा किया कि जाधव ने अपनी सजा के खिलाफ खिलाफ याचिका दायर करने से इनकार कर दिया है। जाधव भारत की मदद के बिना अपने के लिए पाकिस्तान में वकील नियुक्त नहीं कर सकते हैं। याचिका में यह भी दावा किया गया था कि नई दिल्ली अध्यादेश के तहत सुविधा का लाभ उठाने के लिए अनिच्छुक है।

पाकिस्तान सरकार ने याचिका में कोर्ट से जाधव के लिए प्रतिनिधि नियुक्त करने की मांग की थी ताकि आईसीजे के फैसले के तहत जिम्मेदारी को निभाया जा सके। 17 जुलाई को पाकिस्तान ने जाधव को तीसरी बार काउंसलर एक्सेस दी थी। हालांकि, हर बार वह बाधा पहुंचाता रहा है।

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