Trending News

''मोदी सरकार के मिसमैनेजमेंट का नतीजा है मंदी'', मनमोहन सिंह और प्रियंका ने भाजपा के कामों को लेकर दिए ये 10 बड़े बयान

[Edited By: Admin]

Tuesday, 3rd September , 2019 11:55 am

मोदी सरकार देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ने की वजह से विपक्ष के सीधा निशाने पर आ चुकी है। भाजपा के कामों को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बड़ा बयान दिया है।

डॉ. मनमोहन सिंह ने अर्थव्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज अर्थव्यवस्था की हालत बहुत चिंताजनक है। पिछली तिमाही में विकास दर 5 फीसदी यह बताता है कि अर्थव्यवस्था में स्लोडाउन चल रहा है। भारत में बहुत तेज गति से बढ़ने की क्षमता है लेकिन मोदी सरकार के कुप्रबंधन का ही यह मंदी का परिणाम है। उन्होंने आगे कहा कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे ब्लंडर की वजह से हमारी इकॉनमी को जो नुकसान हुआ है, उससे हम अभी उबर नहीं पाए हैं।

Related image

'इन्वेस्टमेंट और डिमांड में कमी को दिखाता है GDP वृद्धि दर में गिरावट'
पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि यह विशेष रूप से व्यथित करने वाला है कि विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 0.6% है। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि हमारी अर्थव्यवस्था अभी तक मानव-निर्मित ब्लंडर नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू किए गए जीएसटी से उबर नहीं पाई है।

Image result for manmohan singh

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर के घटकर पांच प्रतिशत पर आने के बीच पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बदले की राजनीति करने के बजाय सुधी लोगों के सुझावों पर ध्यान दे और अर्थव्यवस्था को गंभीर सुस्ती से उबारने का प्रयास करे।

Related image

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक हालात गंभीर रूप से चिंताजनक हैं और पहली तिमाही में 5 फीसदी की जीडीपी वृद्धि दर दर्शाती है कि हम लंबे समय तक बने रहने वाली आर्थिक नरमी के दौर में हैं।

Image result for priyanka and manmohan

मनमोहन सिंह ने कहा,''मैं सरकार से अपील करता हूं कि वह प्रतिशोध की राजनीत को त्याग कर मानव निर्मित संकट से अर्थव्यवस्था को निकालने के लिए सुधी जनों की आवाज सुने। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के परिणामस्वरूप व्यापक पैमाने पर रोजगार विहीन विकास हो रहा है।

भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से बढ़ने की क्षमता है लेकिन मोदी सरकार के कुप्रबंधन से हम आर्थिक सुस्ती के दौर से गुजर रहे हैं।

बता दें कि देश की आर्थिक वृद्धि दर 2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही में घटकर पांच प्रतिशत रह गयी। यह पिछले सात साल का न्यूनतम स्तर है। विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट और कृषि उत्पादन की सुस्ती से जीडीपी वृद्धि में यह गिरावट आई है।

उधर, प्रियंका गांधी ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर तीन दिन में दूसरा ट्वीट किया। इस बार उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक बयान पर जवाब देते हुए कहा कि देश की आर्थिक मंदी पर वित्त मंत्री को राजनीति से नहीं करनी चाहिए। उन्हें राजनीति से ऊपर उठकर जनता से सच बोलना चाहिए।

Image result for priyanka and manmohan

इससे पहले प्रियंका ने 30 अगस्त को दैनिक भास्कर की एक खबर शेयर करते हुए कहा था कि जीडीपी विकास दर से साफ है कि अच्छे दिन का भोंपू बजाने वाली भाजपा सरकार ने अर्थव्यवस्था की हालत पंचर कर दी है।

प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘‘क्या सरकार स्वीकार करती है कि यहां आर्थिक मंदी है या नहीं? वित्त मंत्री को राजनीति से ऊपर उठकर हमारी वर्तमान अर्थव्यवस्था के बारे में देश की जनता से सच बोलने की जरूरत है। वे (सीतारमण) इस बात (मंदी) को स्वीकार करने के लिए भी तैयार नहीं हैं, तो इस बड़ी समस्या को कैसे सुलझा पाएंगी जो उन्होंने खुद पैदा की है।’’

Image result for priyanka and manmohan

‘नोटबंदी-जीएसटी जैसे फैसलों की वजह से नुकसान हुआ’
मनमोहन सिंह ने कहा था कि मोदी सरकार का हर स्तर पर कुप्रबंधन इसके लिए जिम्मेदार है। नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसलों की वजह से हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ, हम उससे नहीं उबर पाए हैं। पिछली तिमाही में विकास दर का 5% होना, यह बताता है कि अर्थव्यवस्था मंदी की ओर जा रही है। भारत में तेज गति से विकास करने की क्षमता है। हमारा देश लगातार अर्थव्यवस्था के स्लोडाउन का जोखिम नहीं उठा सकता। इसलिए, मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि वह बदले की राजनीति को छोड़े और इस संकट से बाहर निकालने के लिए ठोस कदम उठाए।

Latest News

World News