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एनजीओ की आड़ में ''हनी ट्रैप और सेक्स रैकेट'' का धंधा, इन 5 हसीनाओं ने खोले 'इज्जतदारों के राज'

[Edited By: Admin]

Saturday, 21st September , 2019 03:54 pm

हनीट्रैप से सेक्स रैकेट चलाने वाली हसीनाओं की गिरफ्तारी से मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है. कई बड़े नेताओं, उद्योगपतियों का नाम सामने आ रहा है. इन लड़कियों ने पूछताछ के दौरान अपने काम करने के तरीकों के बारे में बताया है. हनीट्रैप के आरोप में पकड़ी गई महिलाएं बड़े ही शातिर तरीके से अपने काम को अंजाम देती थी.

इंदौर के एक प्रभावशाली शख्स को ब्लैक मेल कर रहीं थीं

मध्यप्रदेश के इंदौर और भोपाल में हनी ट्रैप का हाईप्रोफाइल मामला सामने आया है। इस मामले में अब तक पांच लड़कियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन युवकों से भी पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट में कई बड़े अफसर और नेताओं के नाम भी सामने आये हैं। ये नेता पूर्व सरकार में बड़े ओहदे पर थे और इन लड़कियों की सरगना सीधे नेता जी से संपर्क में थी। सूत्र बताते हैं कि इन लड़कियों का रसूख इतना था कि कई बड़े अफसर अपना तबादला और पोस्टिंग कराने इन लड़कियों के सरगना तक जाते थे। सूत्रों कि मानें तो एक एक तबादले के बदले इन अधिकारियों से करोड़ों वसूले जाते थे, बताया जा रहा है कि तबादले से मिले पैसों का एक बड़ा हिस्सा नेताओं तक पहुँचाया जाता था।

बीते बुधवार को इंदौर एटीएस और मध्यप्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 लड़कियों को भोपाल से गिरफ्तार किया था। वहीं, गुरुवार सुबह 2 लड़कियों को इंदौर से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस और खुफिया विभाग हिरासत में लेकर इनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इनके खिलाफ इंदौर में शिकायत दर्ज की गई थी। इंदौर पुलिस की सूचना पर भोपाल पुलिस और ATS ने अभियान चलाकर इन्‍हें पकड़ा है।

Honey Trap

तफ्तीश में सामने आया है कि पकड़ी गयीं ये लड़कियां अश्लील वीडियो बनाकर इंदौर के एक प्रभावशाली शख्स को ब्लैक मेल कर रहीं थीं। इंदौर एटीएस के इनपुट के आधार पर इन्हें बुधवार शाम गोविंदपुरा थाना लाया गया जहां इनसे पूछताछ की जा रही है। दरअसल, हनीट्रेप की एफआईआर इंदौर क्राइम ब्रांच में दर्ज हुई थी। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। एफआईआर किसने करवाई है और पकड़ी गई महिलाएं कौन हैं पुलिस इसकी जानकारी नहीं दे रही है।

यह पहला मौका नहीं है जब मध्यप्रदेश में हनीट्रैप में अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैक मेल किया गया है। इससे पहले भी कई मामले मध्यप्रदेश में आ चुके हैं, जिसमें सेना के जवान से लेकर मध्यप्रदेश के कई अफसर घेरे में आ चुके हैं।

आपको बता दें कि इंदौर के पलासिया थाने में इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी. जिसके बाद इंदौर पुलिस की निशानदेही पर ही एटीएस ने बड़ी कार्रवाही करते हुए बड़े पैमाने पर धरपकड़ शुरू कर दी. गिरफ़्तारी के बाद युवतियों से गोविंदपुरा थाने में कई घंटों तक पूछताछ भी की गई। सूत्रों के मुताबिक इंदौर नगर निगम के एक अधिकारी को युवतियों ने फंसाया और ब्लैकमेल कर 2 करोड़ रुपये की मांग करते हुए लगातर धमकियां दे रही थीं.

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दरअसल इंदौर नगर निगम इंजीनियर ने पलासिया थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि भोपाल की श्वेता जैन नाम की महिला ब्लैकमेल कर रही है और साथ ही 2 करोड़ रुपये की मांग कर रही है. जिसके बाद पुलिस ने क्राइम ब्रांच और एटीएस से संपर्क किया और श्वेता जैन की तलाश शुरू की, जिसके बाद भोपाल के रिवेरा टाउन में श्वेता जैन की लोकेशन मिली। पुलिस ने सबसे पहले रिवेरा टाउन से श्वेता जैन को गिरफ्तार किया। जिसके बाद दो अन्य युवतियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ़्तारी के बाद तीनों युवतियों को भोपाल पुलिस अशोका गार्डन थाने लेकर आई, जहां थोड़ी देर पूछताछ के बाद पुलिस गोविंदपुरा थाने रवाना हो गई।

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भोपाल पुलिस ने रात में करीब 3 घंटे तक पूछताछ की। देर रात करीब 1 बजे एटीएस की टीम इंदौर से भोपाल पहुंची। एटीएस की टीम ने दोनों श्वेता जैन और बरखा भटनागर से सवाल किए। पूछताछ के बाद एटीएस की टीम रात करीब 3:40 पर दोनों श्वेता जैन और बरखा भटनागर को साथ लेकर इंदौर रवाना हो गई और सुबह करीब 5:50 पर इंदौर के महिला थाने पहुंची, जहां 6 बजे से इन्वेस्टिगेशन टीम ने फिर शुरू की पूछताछ। तीनों युवतियों ने 2 और लड़कियों के नाम बताए, जिसके बाद पुलिस ने इंदौर से करीब 6:45 पर सीमा और आरती को गिरफ्तार किया। आरती के पास से पुलिस ने एक लग्जरी कार भी बरामद की। फिलाहाल, पांचों युवतियों को इंदौर के महिला थाने में रखा गया है। जहां एटीएस , क्राइम ब्रांच और पुलिस की ज्वॉइंट टीम इनसे पूछताछ कर रही है।

बताया जा रहा है कि ये युवतियां भोपाल में कुछ नेताओं और अधिकारियों को भी अपना शिकार भी बना चुकी हैं, लेकिन मामला हाई प्रोफाइल होने के चलते पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है. तो वहीं एक हाईप्रोफाइल सोसायटी में बने प्रदेश के एक पूर्व मंत्री के बंगले से हुई गिरफ़्तारी के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

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पुलिस की पूछताछ में इन महिलाओं ने कबूला है कि इनके शिकार हुए लोग आसानी से इन्हें पकड़ न सकें, इसके लिए वह मोटा हाथ मारने के बाद अपना घर बदल लेती थीं. हालांकि नया मकान भी पॉश इलाके में ही होता था, ताकि इनके रसूख पर कोई असर न पड़े.

इनमें से एक महिला श्वेता जैन जिसे पुलिस और इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने भोपाल की सबसे पॉश कॉलोनी रिवेरा टाउन से गिरफ्तार किया है, उसने भी हाल ही में मकान बदला था. श्वेता पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के मकान में रह रही थी. वह किराए के रूप में 35 हजार रुपये प्रति माह का भुगतान कर रही थी.

विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने श्वेता को रिवेरा टाउन का अपना मकान ब्रोकर के माध्यम से किराए पर दिया था. उन्होंने कहा कि जैन परिवार पहले से ही रिवेरा टाउन में ही किराए पर रह रहा था, लिहाजा ब्रोकर जब उन्हें उनके पास लेकर आया तो उन्होंने ज्यादा सवाल नहीं किए.

इंदौर में पकड़ी गई आरती दयाल मूलतः छतरपुर जिले की रहने वाली है. सूत्रों की मानें तो आरती इससे पहले छतरपुर जिले में भी कई लोगों को हनीट्रैप के जाल में फंसा चुकी है. इसके बाद उसने छतरपुर छोड़ भोपाल को अपना ठिकाना बना लिया.

सूत्रों की मानें तो भोपाल राजधानी होने के कारण नेताओं से लेकर बड़े अधिकारियों और व्यापारियों तक, इनकी अच्छी पैठ और रोजाना साथ उठना-बैठना था. पुलिस को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और खुलासे होंगे.

बता दें कि नगर निगम के एक कर्मचारी को ब्लैकमेल करने के मामले में इंदौर पुलिस ने आरती दयाल और मोनिका यादव को गिरफ्तार किया था. पूछताछ में इनसे मिली जानकारी के आधार पर भोपाल पुलिस और एटीएस ने रिवेरा टाउन से श्वेता जैन को भी गिरफ्तार कर लिया था.

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इंदौर और भोपाल के अखबारों दैनिक भास्कर और पत्रिका के मुताबिक गिरफ्तार की गई पांचों महिलाओं का बीजेपी और कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं के साथ उठना-बैठना था. इन महिलाओं के अधिकारियों से भी इतने अच्छे संबंध थे कि ये मध्यप्रदेश के सचिवालय वल्लभ भवन में आती-जाती रहती थीं.....

1. आरती दयाल- छतरपुर की रहने वाली आरती दयाल ने कृषि, ग्रामीण और पंचायत विभाग से एक एनजीओ के नाम पर फंडिंग ली थी. अखबार दैनिक भास्कर के मुताबिक भोपाल और इंदौर के कलेक्टर रहे और अब मध्यप्रदेश के सचिवालय वल्लभ भवन में ग्राउंड फ्लोर पर बैठने वाले एक आईएएस से आरती की करीबी थी. उसके पास मीनाल में एक फ्लैट है और होशंगाबाद रोड पर एक प्लॉट है. अखबार के मुताबिक ये प्लाट उसी आईएएस ने आरती को दिलवाया था, ताकि आरती उसका पीछा छोड़ सके. पत्रिका अखबार के मुताबिक आठ महीने पहले आरती ने अपने पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करवाया था और उसी वक्त छतरपुर छोड़कर भोपाल रहने चली आई थी. ये पूरा रैकेट आरती ने ही शुरू किया था.

2. श्वेता विजय जैन- सागर की रहने वाली श्वेता विजय जैन बीजेपी में रही है. अखबार दैनिक भास्कर के मुताबिक मध्यप्रदेश के एक पूर्व मुख्यमंत्री ने श्वेता को मीनाल रेजीडेंसी में बंगला तक दिलवाया था. इसके अलावा श्वेता बुंदेलखंड, मालवा और निमाड़ के कुछ मंत्रियों के भी संपर्क में थी. सागर के एक कलेक्टर की पत्नी ने श्वेता को अपने पति के बंगले पर रंगे हाथ पकड़ा भी था. मध्यप्रदेश में जब 2013 में विधानसभा के चुनाव थे, तो उसका नाम सागर विधानसभा सीट के पैनल में भी था. उसी दौरान उसका एक सेक्स वीडियो सामने आ गया और फिर उसका नाम कट गया. बड़े-बड़े नेताओं के साथ ही श्वेता के संबंध नेताओं के बेटे से भी रहे हैं. भोपाल और इंदौर के कुछ बड़े कारोबारियों का भी नाम श्वेता के साथ जोड़ा जा रहा है.

3. श्वेता स्वप्निल जैन – पत्रिका अखबार के मुताबिक भोपाल की रहने वाली श्वेता स्वप्निल जैन 1 सितंबर, 2019 से बीजेपी विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के बंगले में किराए पर रहती है, जिसका किराया 35 हजार रुपये है. किराएनामे में श्वेता स्वप्निल ने खुद को फिजियोथेरेपिस्ट बताया है. विधायक बृजेंद्र के बंगले से पहले श्वेता बीजेपी विधायक दिलीप सिंह परिहार के बंगले में रहती थी. अखबार दैनिक भास्कर के मुताबिक इसने एक पूर्व सांसद की अश्लील सीडी बनाकर दो करोड़ रुपये वसूले थे. बीजेपी के एक बड़े नेता ने चुनाव से ठीक पहले इसे दुबई भेज दिया था. वो 10 महीने तक वहां रही. कहा जा रहा है कि इसने तीन कलेक्टरों का ट्रांसफर भी करवाया है. कहा जा रहा है कि श्वेता स्वप्निल की कांग्रेस सरकार के तीन बड़े विभागों के मुखियाओं से काफी नज़दीकी है. श्वेता सरकार के एक बड़े अफसर को फंसाने की कोशिश कर रही थी.

4. बरखा भटनागर सोनी- बरखा भटनागर सोनी निमाड़ की रहने वाली है. भास्कर के मुताबिक इसका पति अमित सोनी कांग्रेस के आईटी सेल में रहा है. ये खुद भी कांग्रेस में सक्रिय है. निमाड़ के एक स्थानीय नेता के साथ इसके अच्छे संबंध हैं और उस नेता के कांग्रेस के पूर्व मंत्री के भाई के साथ अच्छे संबंध हैं. फिलहाल बरखा की दो मंत्री और एक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष से नज़दीकी की चर्चा है. एनजीओ के लिए इसने नेताओं से बड़े-बड़े डोनेशन लिए हैं.

5. मोनिका यादव- राजगढ़ की रहने वाली मोनिका बीएससी की स्टूडेंट है. दैनिक भास्कर के मुताबिक इसका अधिकारियों और नेताओं के पास आना-जाना लगा रहता था. मोनिका ही अधिकारियों-नेताओं से फोन पर बात करती थी और उसे मैसेज करती थी. आरती दयाल ने ही इसे अपने गैंग में जोड़ा था.

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पुलिस को मिले 150 से ज्यादा नेताओं-अधिकारियों के नंबर

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार की गई इन महिलाओं के पास से 14 लाख रुपये कैश, एसयूवी, लैपटॉप और आठ सिम कार्ड मिले हैं. लैपटॉप की हार्ड डिस्क में नेताओं और अधिकारियों के 15 से ज्यादा सेक्स वीडियो मिले हैं. इनके फोन में 150 से ज्यादा नेताओं और अधिकारियों के नंबर मिले हैं, जिनसे ये लगातार संपर्क में रहती थीं. अलग-अलग पार्टियों के नेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों से संपर्क करने के लिए अलग-अलग लड़कियां थीं. ये लड़कियां स्पाई कैमरे से वीडियो बनाती थीं और फिर उसके जरिए ब्लैकमेल करती थीं. स्थानीय अखबारों के मुताबिक कई बार इस डीलिंग में पुलिस से लेकर पत्रकार तक शामिल हुआ करते थे.

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पूर्व सांसद ने की थी आत्महत्या की कोशिश

आरती के इस गैंग की चपेट में एक पूर्व सांसद भी आ गए थे. भास्कर के मुताबिक महिला के जाल में फंसकर पूर्व सांसद ने खुदकुशी की कोशिश की थी. बाद में पार्टी ने भी उस पूर्व सांसद को बाहर का रास्ता दिखा दिया. पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक अधिकारी का सेक्स वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें आरती दयाल भी नज़र आ रही थी. आरती उस अधिकारी से वसूली भी कर चुकी है.

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लेट नाइट पार्टियों की शौकीन थीं ये महिलाएं, हाईवे पार्टी के नाम से होती थी पिकनिक

हनी ट्रैप में पकड़े जाने वाली महिलाएं लेट नाइट पार्टियों की शौकीन थीं। इनके मोबाइल फोन में शराब पार्टियों के कई वीडियो मिले। अक्सर शनिवार की रात को हाईवे पार्टी के नाम से इनकी पिकनिक होती रही। भोपाल-इंदौर फोरलेन रोड और सीहोर बायपास के रिसोर्ट, होटल या फॉर्म हाउस इसके लिए इस्तेमाल होते थे। इसमें आईएएस-आईपीएस अफसर को भी बुलाया जाता था। पिछले दिनों बुंदेलखंड के एक मंत्री भी पार्टी में पहुंचे थे, जिसकी पोस्ट फेसबुक पर डाली गई थी। इस पोस्ट को मंत्री ने पता चलते ही हटवा दिया था।

कोर्ट में श्वेता विजय, बरखा और श्वेता स्वप्निल। (बाएं से दाएं)

मोनिका का कबूलनामा, फेसबुक पर छह महीने पहले आरती से दोस्ती हुई

इन पांच महिलाओं से में से एक मोनिका यादव ने इंदौर पुलिस को पूछताछ में बताया, ‘‘आरती दयाल का रौब देखकर मैं प्रभावित हो गई और नौकरी के चक्कर में उससे जुड़ गई। उसने वीडियो कब बना लिया, पता नहीं चला। आरती मैडम से मेरी दोस्ती छह महीने पहले फेसबुक पर हुई थी। मुझे नौकरी की जरूरत थी, इसलिए मैंने उनसे मदद मांगी। आरती खुद को सरकारी कॉन्ट्रैक्टर बताकर बड़े लोगों से मिलती। मैडम ने मुझे भोपाल की एक होटल में निगम इंजीनियर हरभजन सिंह से मिलवाया। फिर इंजीनियर दो-तीन बार और भोपाल आए। वहां मुझसे होटल में मिले। पहले मेरे साथ आरती मैडम कमरे में रहती थी और इंजीनियर के आते ही वह चली जाती थी। वैसे इंजीनियर से वे इसके बदले में क्या डिमांड करती थी, ये वे ही जाने, पर एक बार इंजीनियर ने मुझे 8 हजार रुपए दिए थे। चार दिन पहले आरती मैडम मिली तो बोली कि इंदौर चलो, तुम्हारी पक्की नौकरी लगने वाली है। मैंने घरवालों को बोल दिया कि पांच दिन बाद नौकरी की मिठाई लेकर लौटूंगी, लेकिन यहां आते ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरती 50 लाख रुपए लेने के लिए मुझे इंदौर लाई थी।’’ 

महिला थाने से कोर्ट ले जाते समय आरोपी सरगना श्वेता स्वप्निल जैन चेहरा ढंके रही।

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