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B'dy Spcl: जादुई आवाज की महारानी लता मंगेशकर के जन्मदिन पर जानिए उन्होंने ताउम्र क्यों नहीं की शादी

[Edited By: Admin]

Saturday, 28th September , 2019 05:06 pm

जादुई आवाज से सजे गीतों ने लता मंगेशकर को वो पहचान दी है जिसके बारे में उन्होंने खुद कभी नहीं सोचा था. लता को भारतरत्न और स्वर-कोकिला का सम्मान दिया जा चुका है. शनिवार को 28 सितंबर 2019 को लता मंगेशकर अपना 90वां जन्‍मदिन मना रही हैं. लता मंगेशकर ने 40 के दशक से ही फिल्मों में गाने गाना शुरू कर दिया था. उन्‍होंने किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, मन्ना डे, येसुदास, नौशाद और एसडी बर्मन के साथ कई सुपरहिट गीत गाये जिसे आज भी लोग सुनना पसंद करते हैं.

लता का जन्म 28 सितंबर, 1929 को एक मध्यम वर्गीय मराठा परिवार में हुआ। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में जन्मीं लता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बड़ी बेटी हैं। लता का पहला नाम 'हेमा' था, मगर जन्म के पांच साल बाद माता-पिता ने इनका नाम 'लता' रख दिया था। लता अपने सभी भाई-बहनों में बड़ी हैं। मीना, आशा, उषा तथा हृदयनाथ उनसे छोटे हैं। उनके पिता रंगमंच के कलाकार और गायक थे।

लता का जन्म इंदौर में हुआ था, लेकिन उनकी परवरिश महाराष्ट्र में हुई। जब लता 7 साल की थीं, तब वह महाराष्ट्र आईं। उन्होंने 5 साल की उम्र से पिता के साथ एक रंगमंच कलाकार के रूप में अभिनय शुरू कर दिया था। लता बचपन से ही गायक बनना चाहती थीं।

Lata Mangeshkar 

उनके पिता शास्त्रीय संगीत के बहुत बड़े प्रशंसक थे, इसीलिए शायद वह लताजी के फिल्मों में गाने के खिलाफ थे। वर्ष 1942 में उनके पिता का देहांत हो गया। इसके बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और अर्थोपार्जन के लिए लता ने मराठी और हिंदी फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाएं निभानी शुरू की। लताजी को पहली बार मंच पर गाने के लिए 25 रुपये मिले थे। इसे वह अपनी पहली कमाई मानती हैं। उन्होंने पहली बार 1942 में मराठी फिल्म 'किती हसाल' के लिए गाना गाया। लता के भाई हृदयनाथ मंगेशकर और बहनें उषा मंगेशकर, मीना मंगेशकर और आशा भोंसले सभी ने संगीत को ही अपना करियर चुना।

विवाह के बंधन में क्यों नहीं बंधी लता?

बचपन में कुंदनलाल सहगल की एक फिल्म 'चंडीदास' देखकर वह कहती थीं कि वह बड़ी होकर सहगल से शादी करेंगी। लेकिन उन्होंने शादी नहीं की। उनका कहना है कि घर के सभी सदस्यों की जिम्मेदारी उन पर थी, ऐसे में जब शादी का ख्याल आता भी तो वह उस पर अमल नहीं कर सकती थीं।

Lata Mangeshkar

लता ने अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके मधुर गीत लोगों का ध्यान खींचने में बखूबी भूमिका निभाते हैं। आज भी वह स्वर्णिम दौर जी रही हैं, क्योंकि शायद ही कोई ऐसा होगा जो उनके गीतों पर मुग्ध न हो जाए। उनकी कोयल सी मधुर आवाज ने सैकड़ों फिल्मों के गीतों को अमर बनाया है।

लता मंगेशकर के 5 सुपरहिट गीत.....

इस गाने से जुड़े एक बयान में लता जी ने कहा था कि "मैं अगर खुद इस गीत के लिए कुछ कहना चाहूं, तो इतना ही कहूंगी कि यह मेरे लिए जितना सही है, उतना ही यह सहगल साहब, मुकेश भैया और किशोर दा के लिए भी सटीक होगा." आइये सुनते हैं लता मंगेशकर के जन्मदिन पर उनके 5 चुनिंदा गाने...




साल 1975 में आई पॉलिटिकल ड्रामा फिल्म 'आंधी' गुलज़ार ने निर्देशित की थी. फिल्म में संजीव कुमार और सुचित्रा सेन ने साथ किरदार निभाए हैं. फिल्म का गीत 'तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई शिकवा' सबसे ज्यादा पसंद किए गए गीतों में से एक है.




साल 1972 में आई मनोज कुमार द्वारा निर्देशित फिल्म 'शोर' का गाना 'एक प्यार का नगमा है' लता मंगेशकर के हिट गानों में से एक है.



अभिनेत्री रति अग्निहोत्री और कमल हासन की फिल्म 'एक दूजे के लिए' का गाना 'सोलह बरस की बाली उमर को सलाम', लता मंगेशकर और आजकल बिग बॉस 12 के घर में छाए अनूप जलोटा ने गाया है.



अभिनेता से नेता बने राज बब्बर और स्मिता पाटिल के साथ साथ अमृता सिंह की फिल्म 'वारिस' साल 1988 में आई थी. इस फिल्म का गाना 'मेरे प्यार की उमर हो इतनी सनम', लता जी के गाए सुपरहिट गानों में से एक है...

 

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