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Google For India का हिंदी पर फोकस, जॉब सर्च के साथ-साथ लॉन्च किए ये खास फीचर

[Edited By: Gaurav]

Thursday, 19th September , 2019 02:17 pm

Google For India इवेंट के दौरान गूगल ने गूगल पे और गूगल जॉब के लिए कई नई सेवाओं की जानकारी दी है. कंपनी ने भारत के लिए कई सर्विस का ऐलान किया है. हिंदी मुख्य फोकस रहा है और कंपनी ने कहा है कि लोग हिंदी में गूगल सर्च कर रहे हैं.

इस इवेंट के दौरान कंपनी ने इंटरनेट साथी के बारे में भी बात की गई है. इंटरनेट साथी गूगल का एक प्रोग्राम है जिसके तहत ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाई जाती है. गूगल ने Google For India इवेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर कंपनी ने भी बात की है. Google ने बेंगलुरू में AI Lab ओपन करने का ऐलान किया है. AI के जरिए Flood forecast करने का काम पटना में किया जा रहा है. हिंदी में लोग अब 10X ज्यादा सर्च कर रहे हैं. भारत में सर्च रिजल्ट में बदलाव किया जा रहा है. इंडिक लैंग्वेज के लिए सर्च रिजल्ट नए तरीके से दिखेगा. पहले से ज्यादा पर्सनलाइज्ड होगा और अब ये पहले से बेहतर होगा.

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Discover टैब में नया फॉर्मेट

Discover Tab में अब हर लैंग्वेज के क़ॉन्टेंट दिखेंगे Discover टैब को कस्टमाइज किया जा सकता है. यहां अलग-अलग कैटिगरी दी गई है जिसे आप सेलेक्ट करके अपनी दिलचस्पी की खबरें और दूसरी स्टोरीज देख सकते हैं.

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Google Lens में जुड़े हैं ये नए फीचर्स

गूगल लेंस के जरिए आप किसी बोर्ड पर लिखे कॉन्टेंट को देख कर रियल टाइम ट्रांस्लेट कर सकते हैं. ट्रांस्लेशन यहां लाइव सुन सकते हैं. ये तीन भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा. गूगल लेंस के जरिए दूसरे लैंग्वेज के साइन बोर्ड को स्कैन करके अपनी भाषा में ट्रांस्लेट कर सकते हैं. इस फीचर की शुरुआत कंपनी ने एक महीने पहले ही कर दी थी. अब इसे पेश किया जा रहा है और अब आप भी यूज कर सकते हैं. गूगल पे में जॉब्स का एक ऑप्शन जुड़ेगा जहां से इसे आप यूज कर सकेंगे. यहां अपना प्रोफाइल बना सकेंगे. अपने एक्सपीरिएंस लिख सकेंगे. इसे आप सीवी की तरह डाउनलोड भी कर सकेंगे.

जॉब सर्च करने के लिए कंपनी मशीन लर्निंग का यूज करती है. आपकी दिलचस्पी और अनुभव के आधार पर यहां जॉब्स की रिकमंडेशन मिलेगी. यहां से ही आप डायरेक्ट जॉब के लिए अप्लाई भी कर सकते हैं. इंप्लॉयर यहां जॉब पोस्ट करते हैं. यूजर्स जॉब्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं. कंपनी ने जॉब्स के लिए कई कंपनियों के साथ पार्टनरशिप की है जो यहां जॉब पोस्ट करेंगे. फिलहाल इसे दिल्ली-एनसीआर के लिए शुरू किया जा रहा है, लेकिन बाद में इसे पूरे भारत के लिए कंपनी शुरू करेगी.

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इसके लिए कंपनी ने स्किल इंडिया के साथ भी पार्टनरशिप की है. स्किल इंडिया ग्रेजुएट को डिजिटल बैज मिलेगा ताकि इंप्लॉयर को पर्याप्त जानकारी मिल सके. कंपनी इस इवेंट के दौरान कुछ उदाहरण भी बताए हैं जहां इसके जरिए किसी स्टूडेंट को जॉब मिली है. डिजिटल पेमेंट, वॉयस असिसटेंट, कारोबारियों के लिए टूल, नौकरी खोजने में मदद के लिए टूल्स लॉन्च किए। ये पांचवा गूगल फॉर इंडिया इवेंट था। गूगल ने कारोबारियों के लिए बिजनेस गूगल पे लॉन्च किया है। इसको प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। ये किसी भी यूपीआई ऐप पर काम करेगा। फिलहाल गूगल पे के भारत में 6.7 करोड़ यूजर्स हैं।

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इस इवेंट में बोलते हुए Google India के VP, प्रोडक्ट मैनेजमेंट Caesar Sengupta ने कहा कि आज देश में 460 मिलियन यानी कि 46 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं। 2025 तक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए 1 ट्रिलियन डॉलर तक का स्कोप है। इस इवेंट के दौरान कंपनी ने इंटरनेट साथी के बारे में भी बात किया। इंटरनेट साथी के जरिए Google ने गावों और कस्बों तक इंटरनेट की कनेक्टिविटी पहुंचाई है।

यहां पढ़ें कुछ खास बातें...

  • भारत में 1,200 से ज्यादा यू़ट्ब क्रिएटर्स हैं जिसके 1 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं।
  • BHIM UPI का इस्तेमाल क्रेडिट कार्ड से ज्यादा होने लगा है।
  • Google WiFi को 400 से ज्यादा स्टेशन्स और 4,000 से ज्यादा जगहों पर इंस्टॉल किए गए हैं।
  • इंटरनेट साथी के जरिए 80 हजार से साथी ट्रेन किए गए और 3 लाख से ज्यादा गावों में पहुंचा गया।
  • AI में हिंदी का इस्तेमाल 10 गुना तक बढ़ा।
  • AI फीचर को और ज्यादा पर्सनलाइज्ड किया गया, 3 नए क्षेत्रीय भाषाओं का इस्तेमाल किया गया।
  • Discover टैब में अंग्रेजी और हिंदी के अलावा 7 नए भाषाओं को जोड़ा गया।
  • भारतीय भाषाओं में कंटेंट सर्च 20 गुना तक बढ़ी है
  • Google Lens में हिंदी, तमिल, तेलुगू और मराठी भाषाओं को जोड़ा गया।
    • Google Bolo ऐप के जरिए आप अपनी आवाज के जरिए कई चीजें सीख सकेंगे।
    • यह ऐप ऑफलाइन यानी कि बिना इंटरनेट के भी काम करेगा। इसमें हिंदी के अलावा 5 अन्य भारतीय भाषाओं का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें बंगाली, मराठी, तमिल, तेलुगू और उर्दू शामिल है।
    • इस ऐप के जरिए 8 लाख से ज्यादा बच्चे, 28 हजार से ज्यादा शहरों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसमें 3 मिलियन से ज्यादा कहानियां सुनी जा सकेंगी।

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