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तीसरी बार रद्द होने जा रहे फिल्मफेयर पुरस्कार, दूसरे फिल्म अवॉर्ड्स का आयोजन भी मुश्किल

[Edited By: Vijay]

Thursday, 26th November , 2020 02:09 pm

इस साल सिनेमाघरों में नाममात्र की ही फिल्में रिलीज होने के चलते फिल्मी सितारों के बीच काफी प्रसिद्ध रही ‘ब्लैक ब्यूटी’ यानी फिल्मफेयर अवॉर्ड्स की ट्रॉफी डिजिटल पर रिलीज हुई फिल्मों और वेब सीरीज के बीच बंटने वाली है। फिल्मफेयर के पहले ओटीटी अवॉर्ड्स की वोटिंग भी शुरू हो चुकी हैं। लेकिन, फिल्मफेयर और इसी तरह के दूसरे फिल्म पुरस्कारों का इस साल या अगले साल की शुरूआत में आयोजित होना नामुमकिन हो चला है।

हर साल रिलीज होने वाली हिंदी फिल्मों को सम्मानित करने वाले फिल्मफेयर, स्क्रीन और जी सिने जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोहों का आयोजन खटाई में है। जानकारी के मुताबिक कोरोना वायरस की वजह से बिगड़े दुनिया के हालात अभी तक ठीक नहीं हैं इसलिए इन पुरस्कार समारोहों का हो पाना निश्चित नहीं होगा। इन पुरस्कार समारोह में भारी मात्रा में भीड़ इकट्ठा तो होती ही है, साथ ही एक जगह पर सभी बड़े कलाकारों का तांता भी लगता है। इसलिए इस कोरोना काल में ऐसे सम्मान समारोहों का हो पाना मुमकिन नहीं।

 कोरोना वायरस की वजह से देश और दुनिया में होने वाले तमाम फिल्म फेस्टिवल्स को इस साल या तो स्थगित किया गया या फिर कतई रद्द कर दिया गया। यही सिलसिला अगले साल भी जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। इसका एक कारण तो कोरोना वायरस की वजह से फैली अव्यवस्था ही है। और, दूसरा और भी ज्यादा प्रमुख कारण यह है कि वर्ष 2020 में सिनेमाघरों में फिल्में बहुत कम रिलीज हुईं। देश में लॉकडाउन होने से पहले 'तानाजी- द अनसंग वॉरियर', 'छपाक', 'स्ट्रीट डांसर 3डी', 'पंगा', 'मलंग', 'थप्पड़', 'अंग्रेजी मीडियम', 'बागी 3' जैसी कुछ ही फिल्में हैं जो सिनेमाघरों में रिलीज हुईं। 

देश में लॉकडाउन खत्म होने के बाद जब सिनेमाघर खुले तो अब तक 'सूरज पे मंगल भारी' फिल्म ही रिलीज हुई है। 'इंदु की जवानी', 'बंटी और बबली 2' जैसी कुछ फिल्में और भी कतार में हैं। लेकिन, आयोजकों का मानना है कि इन मुट्ठीभर फिल्मों के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार, स्क्रीन अवॉर्ड्स, जी सिने अवॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह आयोजित नहीं किए जा सकते। इन पुरस्कार समारोहों के संचालक इस साल और अगले साल यानी 2020 और 2021 में रिलीज हुई फिल्मों का एक साथ आंकलन करके वर्ष 2022 में इन पुरस्कार समारोहों को आयोजित करने पर भी विचार कर रहे हैं।

वैसे ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब पुरस्कार समारोहों पर रोक लगी हो। इससे पहले वर्ष 1986 में रिलीज हुईं 'कर्मा', 'नगीना', 'आखिरी रास्ता', 'नाम', 'एक रूका हुआ फैसला' जैसी फिल्मों को कोई पुरस्कार नहीं मिला। वहीं, 1987 में रिलीज हुई फिल्में 'मिस्टर इंडिया', 'हुकूमत', 'इजाजत', 'जलवा', 'मिर्च मसाला', आदि को भी कोई पुरस्कार नहीं दिया गया। इसका कारण पुरस्कार समारोहों का रद्द होना ही रहा।

 

 

 

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