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अनोखी घटना के गवाह एल्ड्रिन, जिन्होंने चांद पर पहुंचते ही पी ली वाइन और कर दी पेशाब

[Edited By: Gaurav]

Saturday, 7th September , 2019 02:02 pm

इसरो का चंद्रयान-2 इन दिनों विश्व भर में चर्चा का विषय बना हुआ है.  भारत के चंद्रयान-2 से संपर्क फिलहाल जुड़ नहीं पा रहा है इसी बीच बज़ एल्ड्रिन नाम के शख्स की चर्चा सोशल मीडिया पर जोर पकड़ रही है. करीब 50 साल पहले इंसान ने जब चांद पर अपना पहला कदम रखा तो अटकलों और कयासों का एक ऐसा दौर सा शुरू हो गया जो फिर कभी खत्म नही हुआ. कभी वहां सबसे पहले पहुचने वाले इंसान के बारे में बाते हुईं तो कभी वहां से लाई गई मिट्टी पर अटकलें लगी. चांद पर रहने के दौरान और वहां से लौट आने के बाद तक का हर एक लम्हा इस कदर इंपारटैंट हो गया कि इस पर ना कितने सारे राइट्प्स, डाक्यूमेंट्रीज और मूवीज बनाई गईं. इसका हर पहलू इतना दिलचस्प रहा कि लोगों ने इसे आखों में बसा लिया.

रिपोर्ट्स की मानें तो बज एल्ड्रिन चांद पर सबसे पहले यूरिनेट करने वाले पहले इंसान हैं. अपोलो 11 के मिशन पर गये नील आर्मस्ट्राँग, माइकल कॉलिन्स, और बज एल्ड्रिन (एडविन एलड्रिन) ने 20 जुलाई 1969 को चांद की सतह पर लैंडिग की. कुछ ही देर बाद नील आर्म स्ट्रांग ने अपना पहला कदम बाहर निकाला. इसी के साथ वे चांद पर पहुंचने वाले दुनिया के पहले इंसान बन गए. फिर उनके पीछे बज एल्ड्रिन ने भी चांद पर अपना कदम रखा. वहां लू जाकर एल्ड्रिन बन गये चांद पर पहुचने वाले ऐसे इंसान जिन्होने सबसे पहले वहां पेशाब की.

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कुछ रोचक तथ्य....

1. एल्ड्रिन चांद पर ड्रिंक करने वाले पहले इंसान हैं. उन्होने चांद पर कदम रखने से पहले वाइन पी थी.

2. अमेरिका ने चांद पर अपना झंडा फहराने से पहले ढ़ेर सारे डिस्कशन्स किये. उसे डर था कि झंडा फहराने से दूसरे देशों को आपत्ति हो जाएगी और यह किसी नई मुसीबत को इनविटेशन देना ही होगा.

3. एस्ट्रोनाट्स को झंडा लगाते समय यह डर था कि अगर चट्टानों में यह सही से न लग पाया और गिर गया तो लाइव टेलीकास्ट हो रहे इस सीन से कंट्री की इमेज खराब हो सकती है.

4. चांद से वापस लौटते वक्त एल्ड्रिन से इन्जन को ऐक्टीवेट करने वाला स्विच टूट गया मगर जल्द ही एक बाल प्वाइंट पेन की मदद से उसे स्टार्ट कर लिया गया.

5. अपोलो 11 की लैंडिंग को 600 मिलियन लोगों ने लाइव देखा जो उस उस समय का एक वर्ल्ड रिकॉर्ड था.

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जानिए चांद पर मानव मिशन से जुड़ी एक अनोखी घटना के बारे में......

एल्ड्रिन ने जानबूझकर चांद पर पेशाब नहीं  किया था. दरअसल जब वह अपोलो 11 लैंडर की सीढ़ी से उतरने की कोशिश कर रहे थे, उसी वक्त उनके स्पेस सूट में रखे एक खास बैग से पेशाब निकलकर चांद पर फैल गया.

एल्ड्रिन ने ल्यूनर मॉड्यूल की बहुत धीरे से लैंडिंग की जिससे मॉड्यूल जरूरत के हिसाब से सिकुड़ नहीं सका. नतीजा यह हुआ कि ल्यूनर मॉड्यूल से चांद की सतह तक जो एक छोटा कदम होता, वह एक छलांग में बदल गया. 

लैंडिंग के बाद इस झटके की वजह से एल्ड्रिन ने जो यूरीन इकठ्ठा करके एक डिवाइस में रखी थी, वह टूट गई और यूरीन उनके एक बूट्स पर गिर गया. जब एल्ड्रिन चांद की सतह पर चले तो ये वहां भी फैलता गया. बता दें कि अपोलो मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों को पेशाब के लिए कंडोम जैसे कुछ पाउच दिए जाते थे. इन्हें एक डिस्पोजल में डाल दिया जाता था, जो इन्हें अंतरिक्ष यान से बाहर निकाल देता था. 

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यूरीन कलेक्शन डिवाइस (यूसीडी

2016 में ओपी ऐंड एंथनी रेडियो शो में बातचीत में खुद इस घटना के बारे में बताया था. बज एल्ड्रिन ने बताया, आपकी कमर के बगल में एक बैग अटैच होता है. इस डिवाइस को यूरीन कलेक्शन डिवाइस (यूसीडी) कहते हैं. मैं काफी देर से स्पेसक्राफ्ट में था और उसके बाद चांद की सतह पर भी रुकना था. दूसरी तरफ, बैग लगभग फुल हो चुका था. बज एल्ड्रिन ने कहा, "लैंडर की सीढ़ी से उतरते वक्त आपको अपने मूवमेंट को संभालना होता है. मैंने लैंडर की खिड़की से देखा तो नील आर्मस्ट्रॉन्ग 20 मिनट से सैंपल जुटाने में व्यस्त था और मुझे पता था कि यह (यूरीन) एक समस्या होने जा रही है. मैं सीढ़ी से उतरा और मुझे जोर से पेशाब लगी. मुझे पता था कि चीजें आपस में जुड़ी हुई हैं और बैग खाली नहीं है तो (हंसते हुए) हां..(मैंने पेशाब किया)"
बज एल्ड्रिन इस घटना के बारे में खुद मजाक करते रहते थे. बज से जब एक इंटरव्यू में पूछा गया तो उन्होंने कहा, चांद पर लोगों के अपने पहले कारनामे होते हैं लेकिन इसे लेकर कभी किसी ने दावा पेश नहीं किया.

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एक अमेरिकी यांत्रिक इंजीनियर बज़ एल्ड्रिन

बज़ एल्ड्रिन (जन्म जनवरी 20, 1930) एक अमेरिकी यांत्रिक इंजीनियर हैं, वे संयुक्त राज्य की एयर फ़ोर्स के सेवानिवृत्त पायलट हैं। साथ ही वे एक अन्तरिक्ष यात्री भी थे। वे अपोलो 11 के ल्यूनर मोड्यूल पायलट थे। यह अन्तरिक्ष यात्रा के इतिहास का पहला यान था जिसने मानव के साथ चांद पर कदम रखा। 20 जुलाई 1969 को वे दूसरे इंसान थे जिन्होंने चांद की धरती पर कदम रखा। उनसे पहले मिशन के कमांडर नील आर्मस्ट्रांग ने चांद की धरती पर कदम रखा था।

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