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इच्छामृत्यु: डच रेप पीड़िता ने समाप्त की जिंदगी, मरने से पहले सोशल मीडिया पर लिखी मार्मिक पोस्ट

[Edited By: Gaurav]

Wednesday, 5th June , 2019 02:20 pm

सालों तक डिप्रेशन से जूझने के बाद डच रेप पीड़िता ने कानूनी इच्छामृत्यु के साथ अपने जीवन को समाप्त कर दिया। 17 वर्षीय नोआ पोथोवेन ने नीदरलैंड के अर्नहेम शहर में अपने घर में राज्य-अनुमोदित इच्छामृत्यु के बाद अपना जीवन समाप्त कर लिया।

एक दिल दहला देने वाली घटना में डच किशोरी को यौन हमलों से जूझना पड़ा था।  कई वर्षों तक अवसाद और मानसिक बीमारी से जूझने के बाद इच्छामृत्यु के माध्यम से उसने अपना जीवन समाप्त कर लिया। 17 वर्षीय नोआ पोथोवेन ने रविवार को नीदरलैंड के अर्नहेम शहर में अपने घर में राज्य-अनुमोदित इच्छामृत्यु के तहत अपना जीवन समाप्त कर लिया।
इच्छामृत्यु दर्द और पीड़ा को दूर करने के लिए जानबूझकर  जीवन को समाप्त करने की प्रक्रिया है। संयोग से, आत्महत्या के लिए देश में लीगल ऑन रिक्वेस्ट एंड असिस्टेड सुसाइड एक्ट 2001 के तहत कानूनी है। 

पोथोवेन जिनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर दस हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, उन्होंने खुद को 'मानसिक बीमारी योद्धा और ब्लॉगर' कहा है। अपनी मृत्यु से एक दिन पहले, पोथोवेन ने अपने फॉलोअर्स के साथ अपना निर्णय साझा किया।

पोथोवेन ने लिखा-''अधिकतम 10 दिनों के भीतर, मैं मर जाऊंगी। सालों तक लड़ाई लड़ने के बाद अब सब कुछ  खत्म हो गया है। मैंने अब कुछ समय के लिए खाना-पीना बंद कर दिया है और कई लोगों से बातचीत और समीक्षाओं के बाद, यह निर्णय लिया गया है कि मुझे वो करने की अनुमति दी जाए जो मैं चाहती हूं क्योंकि मेरा दुख असहनीय है। मैं वास्तव में इतने लंबे समय तक जीवित नहीं रह पाऊंगी। । मैं अभी भी सांस ले रही हूं लेकिन मैं अब जीवित नहीं हूं। मेरी अच्छी तरह से देखभाल की जाती है, मुझे पूरे दिन दर्द से राहत मिलती है। मैं अपने परिवार के साथ रहती हूं,  लिविंग रूम में एक अस्पताल के बिस्तर में हूं। मैं अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण लोगों को अलविदा कह रही हूं। मैं अब फोन नहीं कर सकती हूं और मैं मुश्किल से एप पर ही लिख सकती हूं।'' 

उसने मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के बारे में ब्लॉग किया। पोथोवेन ने अपनी पुरस्कार-विजेता आत्मकथा, 'विनिंग एंड लर्निंग' लिखी, जो अवसाद के साथ उनकी लड़ाई के बारे में बात करती है। यह प्रथा अत्यधिक विवादास्पद बनी हुई है लेकिन हर साल बड़ी संख्या में लोग इस प्रक्रिया से गुजरते हैं। सबसे हालिया आंकड़ों के मुताबिक 2017 में नीदरलैंड में 6,500 से अधिक असिस्टेड आत्महत्याएं हुईं। इच्छामृत्यु बेल्जियम और कनाडा में भी कानूनी है।

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