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Diwali 2019: जानिए दीपावली पूजन के शुभ मुहूर्त और 37 साल बाद बने महासंयोग के बारे में, 10 उपायों से पायें महालक्ष्मी की कृपा 

[Edited By: Gaurav]

Saturday, 26th October , 2019 12:20 pm

सूर्यदेव का दिन रविवार, चित्रा नक्षत्र और अमावस्या का लगभग 37 साल बाद बना महासंयोग महालक्ष्मीजी की कृपा बरसाएगा. साथ ही मां काली की आराधना भी फलेगी. कार्तिक मास की चतुर्दशी 27 नवंबर को दिवाली धूमधाम से मनाई जाएगी. ज्योतिषाचार्य आचार्य पंडित ब्रह्मदत्त शुक्ला का कहना है कि कार्तिक माह में वर्ष की सबसे अंधेरी रात को दिवाली का मुख्य त्योहार मनाया जाता है. शास्त्रों के मुताबिक कोई भी पूजा बिना दीपक जलाए पूरी नहीं मानी जाती है.

रामायण, महाभारत काल से ही दीपावली की परंपरा

ज्योतिषी पीके युग के अनुसार रामायण और महाभारत काल से ही देश में दीपावली की परंपरा है. मान्यता है कि भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास से वापस अयोध्या लौटने और पांडवों के 13 वर्ष के वनवास-अज्ञातवास से लौटने पर लोगों ने दीप जलाकर अपनी खुशी का इजहार किया था.स्कंध पुराण,विष्णु पुराण के मुताबिक भगवान विष्णु और श्री लक्ष्मी के विवाह के उपलक्ष्य में दीपावली मनायी जाती है.

वृष लग्न सायं 6.21 से 8.18 बजे के बीच
स्थिर वृष लग्न: शाम 6:42 से रात्रि 8:37 बजे
निशिथ काल: शाम 5:40 से रात्रि 7:18 बजे
कर्क और सिंह लग्न : रात्रि 10:50 से 01:14 बजे के बीच

मिलेगी आर्थिक समृद्धि

वैदिक ज्योतिषी पं.धीरेंद्र कुमार तिवारी के मुताबिक दीपावली पूजा वृष लग्न में ही करना चाहिए.इससे आर्थिक समृद्धि के साथ शांति और आनंद की प्राप्ति होगी। वृष लग्न सायं 6.21 से 8.18 बजे के बीच है. दीपावली पूजन 6:30 सायं के बाद शुरू हो जाय तो अच्छा है.

तुलसी के पत्ते न चढ़ाएं

भगवान विष्णु को तुलसी सबसे अधिक प्रिय होती है लेकिन देवी लक्ष्मी को तुलसी से वैर है क्योंकि यह भगवान विष्णु के दूसरे स्वरूप शालिग्राम की पत्नी है. इस नाते तुलसी देवी लक्ष्मी की सौतन है. इसलिए देवी लक्ष्मी की पूजा में तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए.

दीपक को बायीं ओर न रखें

देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए दीपक की बाती का रंग लाल होना चाहिए दीपक को दायीं ओर रखें. दीपक बायीं ओर नहीं रखना चाहिए. इसका कारण यह है कि भगवान विष्णु अग्नि और प्रकाश स्वरूप हैं.भगवान विष्णु का स्वरूप होने के कारण दीप को दायी ओर रखना चाहिए.

सफेद फूल न चढ़ाएं

सफेद फूल देवी लक्ष्मी को नहीं चढ़ाएं. देवी लक्ष्मी चीर सुहागन हैं इसलिए इन्हें हमेशा लाल फूल जैसे लाल गुलाब और लाल कमल फूल चढ़ाया जाता है.

भगवान विष्णु की पूजा करना न भूलें

देवी लक्ष्मी की पूजा तब तक सफल नहीं मानी जाती है जब तक भगवान विष्णु की पूजा नहीं होती है. इसलिए दीपावली की शाम गणेश जी की पूजा के बाद देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की भी पूजा करें.

प्रसाद रखें दक्षिण दिशा में

देवी लक्ष्मी की पूजा के समय प्रसाद दक्षिण दिशा में रखें और फूल बेलपत्र हमेशा सामने रखें.

कुछ छोटी-छोटी चीजों की खरीदारी से पूरे साल घर पर पैसों की कमी नही होगी......

धातु का कछुआ

ज्यादातर लोग सिर्फ इस बात को जानते हैं कि कछुआ फेंग शुई के अनुसार शुभ होता है. लेकिन आपको बता दें कि वास्तु विज्ञान में भी कछुए को एक खास स्थान दिया गया है. घर में धातु का बना कछुआ रखने से कई बाधाओं से मुक्ति पाई जा सकती है. कछुआ वास्तु शास्त्र और फेंग शुई की दृष्टि में सुख-शांति का प्रतीक माना गया है.

पीतल या तांबे का पिरामिड

इस दिवाली पीतल या तांबे से बना पिरामिड खरीदकर घर के उस हिस्से में रखें जहां परिवार के सदस्य सबसे ज्यादा समय बिताते हैं।. ऐसा करने से घर के लोगों की आय में वृद्धि होती है.

मिट्टी की सुराही

इस दिवाली मिट्टी की एक सुराही खरीदकर घर की उत्तर दिशा में पानी से भरकर रख दें. ऐसा करने से आपके घर में कभी भी पैसों की कमी नहीं होगी. अगर मिट्टी की सुराही न मिल पा रही हो तो मिट्टी का घड़ा भी खरीद सकते हैं.हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि यह घड़ा या सुराही जो भी आपके पास वो कभी भी खाली न रहें. इसमें पानी खत्म होते ही दोबारा भर कर रख दें.

मोर पंख

अगर आप अपने घर में मोर का पंख रखते हैं तो वह आपके घर में सुख-समृद्धि को बढ़ाता है.घर में सही जगह पर सही तरीके से मोर पंख रखा जाए तो वह आपको कई लाभ पहुंचाता है. घर या दुकान की दक्षिण-पूर्व दिशा में मोर पंख स्थापित करने से घर-परिवार में मौजूद पैसों की तंगी खत्म हो सकती है.

लक्ष्मी-कुबेर की तस्वीर

इस दिवाली घर के मुख्य दरवाजे पर लक्ष्मी और कुबेर की एक तस्वीर खरीदकर लगा दें. ऐसा करने से आपके घरों में पैसों की कमी नहीं होगी.

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