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कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने जम्मू-कश्मीर में फिर से धारा 370 लगाने की वकालत की, BJP भड़की

[Edited By: Rajendra]

Saturday, 17th October , 2020 05:23 pm

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की फिर से बहाली के लिए कांग्रेस ने वहां के मुख्य राजनीतिक दलों के गठबंधन बनाने का समर्थन किया है। इस कदम पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस की अनुच्छेद-370 की बहाली करने की मांग पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि चूंकि कांग्रेस के पास सुशासन के एजेंडे पर बात करने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए बिहार चुनाव से पहले वह 'भारत को बांटो के गंदे हथकंडे' पर वापस आ गई है। जम्मू-कश्मीर विशेष दर्जे को लेकर कांग्रेस भी नेशनल कांफ्रेस, पीडीपी के साथ आई

जेपी नड्डा ने ट्वीट कर कहा, 'चूंकि कांग्रेस के पास सुशासन के एजेंडे पर बात करने को कुछ नहीं है, वे बिहार चुनाव से पहले 'भारत को बांटो' के गंदे हथकंडे पर वापस आ गए हैं। श्री राहुल गांधी पाकिस्तान की प्रशंसा करते हैं और श्री चिदंबरम कहते हैं कि कांग्रेस अनुच्छेद-370 की वापसी चाहती है। शर्मनाक!'

 

नड्डा ने यह टिप्पणी कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बयान पर की जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी जम्मू-कश्मीर के दर्जे और अधिकारों की बहाली के साथ खड़ी है और मोदी सरकार द्वारा पांच अगस्त 2019 को लिया गया फैसला 'मनमाना और अंसवैधानिक' था और उसे रद्द किया जाना चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली के लिए वहां के मुख्य राजनीतिक दलों के गठबंधन बनाने का समर्थन करते हुए शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार को अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधान हटाने संबंधी फैसलों को निरस्त करना चाहिए।

पूर्व गृह मंत्री ने ट्वीट किया, 'जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के लोगों के अधिकारों की बहाली के लिए संवैधानिक लड़ाई लड़ने के मकसद से वहां के मुख्यधारा के क्षेत्रीय दलों का साथ आना एक ऐसा घटनाक्रम है जिसका भारत के सभी लोगों को स्वागत करना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को इन मुख्यधारा की पार्टियों और जम्मू-कश्मीर के लोगों को पृथकतावादी और देश विरोधी होने की नजर से देखना बंद करना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'कांग्रेस दर्जे और जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों की बहाली के लिए संकल्पबद्ध खड़ी है। सरकार को पांच अगस्त, 2019 को लिए गए मनमाने और असंवैधानिक फैसलों को निरस्त करना चाहिए।' गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में मुख्य धारा के राजनीतिक दलों ने बृहस्पतिवार को एक बैठक की और पूर्ववर्ती राज्य के विशेष दर्जे की बहाली के लिए एक गठबंधन बनाया। यह गठबंधन इस मुद्दे पर सभी संबंधित पक्षों से वार्ता भी शुरू करेगा।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के आवास पर बैठक हुई और इसमें पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, पीपल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन, पीपल्स मूवमेंट के नेता जावेद मीर और माकपा नेता मोहम्मद युसूफ तारिगामी ने भी हिस्सा लिया।

वहीं अब्दुल्ला के इस बयान पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने निशाना साधा। इसके साथ ही उन्होंने फारूक अब्दुल्ला के बयान को देश विरोधी भी बताया है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, 'वर्तमान सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला एक इंटरव्यू में कहते हैं कि अनुच्छेद 370 जिसे संवैधानिक तरीके से भारत के संसदीय पटल पर हटाया गया था, चीन की सहायता से दोबारा अनुच्छेद 370 को वापस लाया जाएगा। यह न केवल चिंतनीय है बल्कि दुखद है।'

संबित पात्रा ने कहा, 'फारूक अब्दुल्ला जी का मानना है कि आज अगर चीन आक्रामक हुआ है तो इसका एक ही कारण है कि अनुच्छेद 370 को हिन्दुस्तान ने हटाया। एक तरह से फारूक अब्दुल्ला ने अपने इंटरव्यू में चीन की विस्तारवादी मानसिकता को न्यायोचित ठहराते हैं। वहीं दूसरी और एक देशद्रोही कमेंट करते हैं कि भविष्य में हमें अगर मौका मिला तो हम चीन के साथ मिलकर अनुच्छेद 370 वापस लाएंगे।'

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