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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी ही दुकानों पर बुल्डोजर चलवा दिया। जिसके योगी पीठाधीश्वर हैं।

[Edited By: Rajendra]

Friday, 22nd May , 2020 01:16 pm

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ऐसी परंपरा शुरू की है जो आने वाले समय में भी ना जाने कितने राजनेताओं के लिए मिसाल बनेगी। पहले ही एक सख्त प्रशासक की छवि बना चुके योगी ने अब विकास के लिए अपनी ही दुकानों पर बुल्डोजर चलवा दिया। मामला गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर का है जिसके योगी पीठाधीश्वर हैं। योगी ने फोरलेन सड़क निर्माण के लिए मंदिर की चारदीवारी और दो सौ दुकानों पर बुल्डोजर चलवा दिया।

उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्‍वर महंत योगी आदित्‍यनाथ के आदेश से गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर की एक-दो नहीं, दो सौ से ज्‍यादा दुकानें जमींदोज की जा रही हैं. यह सब हो रहा है गोरखपुर में मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया तक बन रहे 17 किलोमीटर लंबे फोरलेन के लिए. मंदिर परिसर की करीब दो सौ और उससे लगी सौ अन्‍य दुकानें फोरलेन के आड़े आ रही थीं. पिछले चार दिन से इन दुकानों को तोड़े जाने का सिलसिला जारी है. मंदिर की दुकानें तोड़ने की इजाजत खुद मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने दी है.

गोरखनाथ मंदिर की दुकानों को जिन स्‍थानों से हटाकर फोरलेन का रास्‍ता बनाया गया है उन पर मंदिर का मालिकाना हक था। दुकानें पूरी तरह वैध थीं। इसके बावजूद सार्वजनिक हित में मुख्‍यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्‍वर ने दुकानें तुड़वाकर जमीन फोरलेन के लिए दे दी। ठीक वैसे ही जैसे ब्रह्मलीन गोरक्षपीठाधीश्‍वर महंत दिग्विजयनाथ ने 1950 में गोरखपुर विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना में प्राभूत राशि के रूप में अपने दो महाविद्यालय (महाराणा प्रताप महाविद्यालय और महाराणा प्रताप महिला महाविद्यालय) दे दिए थे. 'परहित सरिस धर्म नहिं भाई, पर पीड़ा सम नहिं अधमाई' गोस्‍वामी तुलसीदास कृत श्रीरामचरितमानस की यह पंक्ति, इस रूप में गोरक्षपीठ की परम्‍परा सी बन गई है. उन्‍होंने मंदिर की चहारदीवारी और वैध दुकानों को सार्वजनिक हित में तुड़वाकर देश भर में उन अवैध कब्‍जेदारों को चुनौती भी दी है जो अपने पद या पैसे की ताकत का दुरुपयोग कर कानून को चुनौती देते रहते हैं।

करीब 10 लाख हल्‍के और भारी वाहनों वाले गोरखपुर में सड़कों पर लगने वाला जाम सबसे बड़ी समस्‍या माना जाने लगा था. वर्षों से लोग इसकी चर्चा करते थे लेकिन हल किसी को नहीं सूझता था. सड़कों का चौड़ीकरण वक्‍त की मांग थी लेकिन संकरी गलियों वाले शहर में यह मुमकिन नहीं दिखता था. गोरखपुर के सांसद रहते योगी आदित्‍यनाथ की निधि का एक बड़ा हिस्‍सा सड़कों के निर्माण में जाता था. तब भी उन्‍होंने रिंग रोड, फोरलेन और सड़कों के चौड़ीकरण के कई प्रस्‍तावों को केंद्र की हरी झंडी दिलाई. लेकिन 2017 में उनके मुख्‍यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर में जिस तेजी से सड़कों और रन-वे को मात देते फोनलेन का जाल बिछ रहा है वह किसी को भी हैरान कर देने वाला है.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने इन दुकानदारों के लिए नई जगह की व्यवस्था करने के निर्देश मंदिर प्रबंधन को दिए हैं। इसके बाद मंदिर प्रबंधन ने मल्टीस्टोरी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक कॉम्पलेक्स के लिए जीडीए ने मानचित्र को अप्रूव कर दिया है।

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