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विलेन के रोल के लिये जो जीता वही सिकंदर मे अक्षय थे दीपक तिजोरी की जगह

[Edited By: Vijay]

Wednesday, 9th September , 2020 03:48 pm

खिलाड़ी कुमार आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं. अक्षय का जन्म आज ही के दिन (9 सितंबर) साल 1967 में पंजाब के अमृतसर में हुआ था. अक्षय कुमार का असली नाम राजीव हरिओम भाटिया है. इन दिनों अक्षय लंदन में अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म 'बेल बॉटम' की शूटिंग कर रहे हैं. तो आइए, आज अक्षय के जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिदंगी से जुड़ी अनसुनी कहानियां...

 एक दिन वो बेंगलुरु के एक मॉडलिंग असाइनमेंट के लिए फ्लाइट पकड़ने एयरपोर्ट जा रहे थे. उनको नटराज स्टूडियो से एक परिचित का फोन आया कि आ जाओ अगर हीरो बनना है, तो पहले तो उन्होंने टाल दिया, महंगी फ्लाइट छूट जाती और फिल्में तो मिल नहीं रही थीं. फिर भी ऐन वक्त पर उन्होंने फ्लाइट छोड़कर स्टूडियो जाने का फैसला किया. प्रमोद चक्रवर्ती से मुलाकात हुई. प्रमोद चक्रवती 'लव इन टोकियो', 'तुमसे अच्छा कौन है', 'ड्रीम गर्ल', 'जुगनू' जैसी फिल्में डायरेक्ट कर चुके थे. उन्होंने फौरन अक्षय कुमार को 3 फिल्मों के लिए साइन कर लिया और तीन चैक भी दिए. पहली फिल्म के लिए 5000 रुपए, दूसरी फिल्म के लिए 50,000 रुपए और तीसरी फिल्म के लिए 1,50,000 रुपए का चैक. सो उनकी फिल्म से पहली कमाई केवल पांच हजार रुपए थी, जो 20-22 साल पहले अमिताभ बच्चन को उनकी पहली मूवी के लिए मिली थी, हालांकि उनकी मूवी ‘दीदार’ 1992 में रिलीज हो पाई, जबकि उससे पहले अक्षय की 'सौगंध', 'डांसर', 'खिलाड़ी' और 'मिस्टर बॉन्ड' जैसी फिल्में रिलीज हो चुकी थीं. उनके साथ दूसरी मूवी ‘बारूद’ 6 साल बाद जाकर रिलीज हुई और तीसरी बन ही नहीं पाई, लेकिन वो अक्षय के सपने को पूरा कर गए.

  1. केवल वेटर ही नहीं सेल्समेन, ये जॉब कर चुके हैं अक्षय

 अक्षय कुमार यूं तो स्कूल के दिनों से ही कराटे सीख रहे थे, लेकिन पिता से मार्शल आर्ट सीखने की जिद की, तो उन्होंने कैसे भी थाइलैंड भेज दिया, जहां मार्शल आर्ट सीखने के अलावा एक रेस्तरां में भी काम करना पड़ा. अक्षय कुमार को बैंकॉक के रेस्तरां में पहले वेटर का काम मिला था और फिर शेफ का, पहली सेलरी उन्हें 1500 रुपए मिली थी. वो पांच साल तक बैंकॉक में रहे और थाई बॉक्सिंग भी सीखी. भारत में उन्होंने ताइक्वांडो में ब्लैक बैल्ट पहले ही हासिल कर ली थी. थाइलैंड से लौटकर वो कोलकाता गए. एक ट्रेवल एजेंसी में काम किया. ढाका में एक होटल में काम किया और दिल्ली आकर कुंदन ज्वैलर्स की ज्वैलरी भी बेची, लेकिन बनना तो एक्टर था, सो मुंबई चले गए और वहां मार्शल आर्ट के टीचर बन गए और इसी टीचिंग ने उनके लिए बॉलीवुड के रास्ते खोल दिए. दरअसल, उनके एक स्टूडेंट के पिता मॉडल कॉर्डीनेटर थे. उन्होंने अक्षय को कुछ मॉडलिंग असाइनमेंट दिलवाए, फोटोग्राफर जयेश सेठ ने उनके अच्छे फोटोज निकाले, जिनके असिस्टेंट के तौर पर भी अक्षय ने काम किया था. अपना पोर्टफोलियो कई स्टूडियोज में दियास यहीं से उनका बॉलीवुड का रास्ता खुलता चला गया.

  

  1. कभी दीपक तिजोरी जैसे एक्टर से कभी दीपक तिजोरी जैसे एक्टर से पिछड़ गए थे अक्षय

एक रोल जिसके लिए अक्षय कुमार को फेल कर दिया गया. उसके लिए उस वक्त एक एक्टर को साइन किया गया था, फिल्म तो सुपरहिट हो गई, लेकिन आज अक्षय कुमार चमक रहे हैं और वो स्टार गुमनामी में हैं. नाम है उनका दीपक तिजोरी और फिल्म का नाम था ‘जो जीता वही सिकंदर’. ये शायद आपने न सुना हो कि जिस विलेन के रोल में दीपक तिजोरी थे, उस रोल में अक्षय कुमार को स्क्रीन टेस्ट में फेल कर दिया गया था. दरअसल, उस वक्त अक्षय नए थे, कैसे भी फिल्मों में आने के लिए उतावले थे, तो विलेन के रोल को करने से भी उन्हें गुरेज नहीं था, लेकिन दिक्कत ये थी कि उनका हीरो उनके आगे हाइट में काफी छोटा था, आमिर खान. कहीं से भी आमिर खान से वो कमतर नहीं लग रहे थे. ऐसे में हीरो की पर्सनालिटी का विलेन की पर्सनालिटी के आगे दबने का खतरा था. उस लिहाज से दीपक तिजोरी फिट बैठ रहे थे. सो डायरेक्टर ने अक्षय कुमार को खारिज कर दिया और दीपक तिजोरी को साइन कर लिया, बाद में वही दीपक तिजोरी फिल्म ‘खिलाड़ी’ में उनके दोस्त के तौर पर नजर आए. ऐसे ही एक छोटा सा रोल महेश भट्ट ने फिल्म ‘आज’ में अक्षय को दिया था. कुमार गौरव की इस मूवी में से भी वो रोल भी बाद में काट दिया गया, हालांकि आज उन्हें अच्छा लगता होगा कि उन्हें ये छोटे-छोटे रोल नहीं मिले, नहीं तो ऐसे ही रोल में टाइप्ड हो जाते.

  

4-राजीव हरि ओम भाटिया, ये है अक्षय कुमार का पूरा नाम. लेकिन नाम क्यों बदला? क्योंकि उनकी पहली मूवी के हीरो के किरदार का नाम अक्षय था. अक्षय कुमार ने एक इंटरव्यू में पूरी कहानी बताई थी. दरअसल, उनकी पहली मूवी थी ‘आज’, जिसे महेश भट्ट ने डायरेक्ट किया था. मूवी के हीरो थे कुमार गौरव, अक्षय का इस मूवी में रोल पूरे पांच सेकंड का भी नहीं था, उन्हें केवल कुमार गौरव की एक्टिंग देखनी थी. इस मूवी में कुमार गौरव के किरदार का नाम था अक्षय. राजीव इस मूवी को लेकर काफी एक्साइटेड थे. पहली बार पर्दे पर दिखने वाले थे. उनको पता नहीं क्या सूझा, उन्हें पहले ही अपना नाम राजीव अच्छा नहीं लगता था. कुमार गौरव का स्क्रीन नेम अक्षय उनको पसंद आ गया और मुंबई की बांद्रा ईस्ट कोर्ट में जाकर उन्होंने अपना नाम बदलकर ‘अक्षय’ कर लिया और ये लकी भी साबित हुआ. ये अलग बात है कि उस मूवी में उनका वो छोटा सा रोल भी काट दिया गया था. फिर राजीव ने अक्षय कुमार के नाम से विजिटिंग कार्ड बनवाए और हर स्टूडियो में बांटना शुरू कर दिया, हालांकि अनीता आडवानी के केस में उनका नाम अक्षय कुमार के साथ राजीव हरि ओम भाटिया भी दर्ज है. उनके पिता का नाम हरि ओम भाटिया था, वो आज भी कुछ भी लिखने से पहले पेपर्स पर ‘ओम’ जरूर लिखते हैं.

5- आपको ध्यान होगा कि जब पीएम मोदी ने पीएम केयर फंड का ऐलान किया था, तो अक्षय कुमार ने 25 करोड़ रुपए के दान का ऐलान करके सबको चौंका दिया था. अक्षय कुमार यूं कभी सार्वजनिक ऐलान नहीं किया करते, लेकिन ये पहली बार था, तो बाकी लोगों को पीएम केयर फंड में दान करने के लिए उत्साहित करने के लिए किया गया था. अक्षय कुमार हाल ही में फिर से चर्चा में आए, असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने एक ट्वीट करके पिछले दिनों बताया कि अक्षय ने असम बाढ़ राहत के लिए 2 करोड़ रुपयों की मदद की है. केवल असम ही नहीं, अक्षय ने बिहार में भी बाढ़ राहत के लिए 1 करोड़ रुपए दान दिए हैं. दरअसल, कुछ दिन पहले ये खबर आई थी कि अक्षय ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को फोन करके अपनी ये मदद की पेशकश की थी. जब अक्षय कुमार ने कोरोना राहत के लिए जब पीएम केयर फंड के लिए 25 करोड़ रुपए के दान का ऐलान किया था, तब मुंबई पुलिस फाउंडेशन के लिए 2 करोड़ रुपए और बीएमसी के कोरोना प्रयासों के लिए 3 करोड़ की मदद का भी ऐलान किया था. पिछले साल मई में भी अक्षय ने उड़ीसा सरकार की फानी चक्रवात के पीड़ितों के लिए 1 करोड़ रुपए की सहायता दी थी. इस तरह की मदद में अक्षय कुमार का सबसे बेहतरीन आइडिया था ‘भारत के वीर’, होम मिनिस्ट्री को ये आइडिया बताया जाता है कि अक्षय कुमार ने ही दिया था. इस वेबसाइट के जरिए कोई भी सीधे किसी शहीद के परिवार को आर्थिक मदद दे सकता है. ये देख सकता है कि पैरामिलिट्री के इन जवानों के परिवार को कितनी मदद अब तक मिल चुकी है और इसी आधार पर वो परिवार को चुन सकते हैं. कहते हैं कि अक्षय ने खुद इसके जरिए पांच करोड़ रुपयों की मदद की है, सैकड़ों शहीदों के परिवारों को इस वेबसाइट और फंड के जरिए 15-15 लाख रुपए की मदद हो चुकी है.

  1. अक्षय की फिल्मों के जरिए राष्ट्रभक्ति और सामाजिक संदेश

 एक दौर में रोमांटिक और एक्शन फिल्मों के लिए जाने जाने वाला अक्षय कुमार मनोज कुमार के बाद दूसरे भारत कुमार के तौर पर उभरे हैं. कई राष्ट्रीय मुद्दों पर बोलने और मदद करने के लिए तो वो सामने आए ही हैं. उनकी हालिया फिल्में भी उनकी इस इमेज को पुख्ता कर रही हैं. 'मिशन मंगल', 'केसरी', 'होली डे', 'गोल्ड', 'बेबी', 'एयरलिफ्ट' जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने राष्ट्रभक्ति जगाई है, तो सामाजिक संदश देने के लिए भी उनकी ऑफबीट फिल्मों की चर्चा हुई है, जिनमें ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ और ‘पैडमैन’ आदि शामिल हैं. इनके जरिए वो न केवल सामाजिक संदेश भी दे रहे हैं बल्कि कुछ समस्यायों को दूर करने में या आपदा के समय इस तरह की मदद करके एक सच्चे राष्ट्रभक्त सेलेब्रिटी के रोल मॉडल के तौर पर सामने आते रहे हैं.

  

 

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