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अभिजीत बनर्जी और उनकी पत्नी एस्थर समेत तीन को मिला अर्थशास्त्र में नोबेल, गरीबी पर लिखी किताब से हुए मशहूर

[Edited By: Gaurav]

Monday, 14th October , 2019 06:58 pm

भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी और उनकी पत्नी एस्थर डफ्लो को साल 2019 के लिए अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा. उन्हें यह पुरस्कार 'वैश्विक स्तर पर गरीबी उन्मूलन के लिए किये गये कार्यों के लिये दिया गया. नोबेल समिति के सोमवार को जारी एक बयान में तीनों को 2019 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई। आपको बता दें कि अभिजीत बनर्जी भारतीय मूल के हैं.

अर्थशास्त्र का नोबेल जीतने वाले अभिजीत के पिता दीपक बनर्जी भी बड़े अर्थशास्त्री रहे हैं, पिछले साल भी नोबेल के लिए नामित हुए थे. उन्होंने गरीबी उन्मूलन के लिए शोध किया और किताबें लिखीं. 2019 के कांग्रेस के घोषणापत्र में गरीबी उन्मूलन से जुड़ी योजनाओं का खाक तैयार करने में अहम भूमिका निभाई. अभिजीत की किताब जगरनॉट जल्द आने वाली है और भारतीय मूल के अमर्त्य सेन को 1998 में नोबेल मिला था.

बनर्जी, ने भारत में कलकत्ता विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई की. इसके बाद 1988 में उन्होंने हावर्ड विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि हासिल की. वर्तमान में वह मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अर्थशास्त्र के फोर्ड फाउंडेशन अंतरराष्ट्रीय प्रोफेसर हैं. बनर्जी ने वर्ष 2003 में डुफ्लो और सेंडिल मुल्लाइनाथन के साथ मिलकर अब्दुल लतीफ जमील पावर्टी एक्शन लैब (जे-पाल) की स्थापना की. वह प्रयोगशाला के निदेशकों में से एक हैं. बनर्जी संयुक्तराष्ट्र महासचिव की '2015 के बाद के विकासत्मक एजेंडा पर विद्वान व्यक्तियों की उच्च स्तरीय समिति के सदस्य भी रह चुके हैं.

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माता सोशल साइंस और पिता इकोनॉमिक्स के थे प्रोफेसर

अभिजीत बनर्जी अमेरिका में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं. बनर्जी ने संयुक्त रूप से अब्दुल लतीफ जमील पॉवर्टी एक्शन लैब की स्थापना की थी. अभिजीत का जन्म 21 फरवरी 1961 में कोलकाता में हुआ था. इनकी माता निर्मला बनर्जी कोलकाता के सेंटर फॉर स्टडीज इन सोशल साइंसेज में प्रोफेसर थीं. पिता दीपक बनर्जी प्रेसीडेंसी कॉलेज में इकोनॉमिक्स की प्रोफेसर थे.

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गरीबी पर काम करने के लिए अभिजीत बनर्जी को मिला नोबेल

साल 2018 और 2019 के लिए साहित्य के क्षेत्र में नोबल पुरस्कार की घोषणा बीते गुरुवार को की गई थी. पोलिश लेखिका ओल्गा टोकार्कज़ुक को साल 2018 के लिए साहित्य नोबल पुरस्कार से नवाजा गया. जबकि, साल 2019 के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार के लिए ऑस्ट्रियाई लेखक पीटर हैंडके को चुना गया है. पिछले साल विवादों के कारण इसे स्थगित किया गया था.

बीते 9 अक्टूबर को कैमिस्ट्री के नोबेल पुरस्कार की घोषणा की गई थी, और वह लिथियम-आयन बैटरी का विकास करने के लिए अमेरिका के जॉन बी. गुडइनफ, इंग्लैंड के एम. स्टैनली विटिंघम और जापान के अकीरा योशिनो को संयुक्त रूप से दिया गया. नोबल पुरस्कार काफी प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित अवॉर्ड है. हर साल स्वीडिश एकेडमी की तरफ से 16 अवॉर्ड्स दिए जाते हैं.

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